Monday, May 25, 2026
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एक मां की कलेजा चीरने वाली गुहार, ‘जैसे मेरी दुनिया उजड़ी वैसी किसी की न उजड़े’

जिन आंखों में बेटे की कामयाबी के सपने थे, उनमें आंसुओं का सैलाब है। जरा सोचिए उस मां पर क्या बीत रही होगी, जो तैयारी तो कर रही थी बेटे को विदेश भेजने की, मगर हाथ में क्या आया..बेटे का लहूलुहान ठंडा पड़ा शरीर। घटना को 13 दिन बीत चुके हैं, मगर उस मां की आंखों से वो खौफनाक मंजर एक सेकेंड लिए भी ओझल नहीं हो पाता। वो कभी रोती है, कभी चिल्लाती है, दर्द से तड़पती है तो कभी इंसाफ की गुहार लगाती है।

इंसाफ की गुहार लगाती मां का वीडियो

सौ. सोशल मीडिया पोस्ट

23 साल का साहिल धनेश्रा एक रीलबाज रईसजादे की जानलेवा रफ्तार का शिकार हो गया। घटना 3 फरवरी को हुई। दिल्ली के द्वारका साउथ थाना इलाके में बेकाबू स्कॉर्पियों ने पहले बाइक को उड़ाया और फिर सड़क किनारे एक टैक्सी को भी रौंद डाला। रफ्तार के इस कहर ने न सिर्फ 23 साल के साहिल की जान ले ली, बल्कि उस मां की पूरी दुनिया को उजाड़ दिया, जिसने एक-एक दिन गिनकर अकेले अपने कलेजे के टुकड़े को पाला था।

सिंगल मदर इन्ना माकन का दिल ये मान ही नहीं पा रहा, जो बेटा उसकी पूरी दुनिया था, वो हमेशा हमेशा के लिए दूर जा चुका है। कुछ दिन पहले की ही तो बात है, साहिल अब BBA के बाद विदेश जाकर मास्टर्स करना चाहता था। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी का एडमिशन फॉर्म भर रहा था, डॉक्यूमेंट्स खंगाल रहा था। अगस्त में उसे अपने सपने पूरे करने के लिए विदेश जाना था, मगर 6 महीने पहले ही सब खत्म हो गया।

जिसकी लापरवाही ने एक मां को उम्रभर के लिए अकेला कर दिया, दर्द के दलदल में धकेल दिया। उसके लिए कभी बालिग तो कभी नाबालिग वाला खेल शुरू हो गया। पहले 19 साल का बताया गया, बाद में 17 साल का बताकर बेल भी मिल गई। अब सवाल ये कि नाबालिग था, तो कार कैसे चला रहा था? पिता ने बेटे के बिना लाइसेंस के कार कैसे सौंप दी?

मामला संगीन है और आरोप गंभीर। दावा यहां तक किया जा रहा है कि जिस स्कॉर्पियों ने साहिल की जान ले ली, उस पर ओवर स्पीड के 13 चालान पहले से ही थे, इसके बावजूद भी नाबालिग सड़कों पर स्कॉर्पियो दौड़ाता रहा। जिस दिन घटना हुई उस दिन भी बताया जा रहा है कि गाड़ी उल्टी लेन में चल रही थी और उसकी बहन साथ में बैठकर रील बना रही थी। बस के सामने स्टंटबाजी ही भारी पड़ी, ओवरस्पीड के चलते कार संभली नहीं और बाइक सवार साहिल की जान ले ली।

एक मां अब न्याय की गुहार लगा रही है। इन्ना माकन का कहना है कि मेरे बच्चे की मौत बेकार नहीं जानी चाहिए, इससे एक मिसाल बननी चाहिए, ताकि किसी और का बच्चा ऐसी रैश ड्राइविंग, रईसी का घमंड और मनमानी का शिकार न हो। सड़क पर अपनी जान न गंवाए। ऐसी दुनिया किसी न उजड़े जैसे मेरी उजड़ी है।

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