फरवरी का महीना एक नए विजन की नींव रखने के लिए बेहद खास माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से 26 फरवरी तक सिंगापुर और जापान के दौरे पर रहेंगे। ये दौरा इसलिए खास है क्योंकि इसमें फ्यूचर ट्रांसपोर्ट विजन का अक्स है। सीएम योगी जापान में उस हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन को करीब से जानेंगे, जो पटरियों को बिना छुए चुंबक की शक्ति से हवा में तैरते हुए दौड़ती है यानि कि हवाई जहाज की स्पीड के बराबर। सीएम योगी हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन से 100 किलोमीटर का सफर करेंगे।
हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन की क्या है खासियत
- ये ट्रेने हवा में तैरते हुए 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है
- मैग्नेटिक पावर के सहारे पटरी के ऊपर हवा में तैरती हुई चलती है
- ट्रेनों की ये रफ्तार प्लेन की रफ्तार के बराबर हो जाती है
- बहुत कम कंपन और शोर करती है, पारंपरिक रेल के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और तेज
- इन ट्रेनों में पटरी से उतरने का खतरा न के बराबर होता है

माना जा रहा है कि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस तकनीक और इसके लिए जरूरी निवेश के लिए ही इस मैग्लेव ट्रेन में सफर कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान सीएम योगी सिंगापुर और जापान दोनों देशों के प्रवासी भारतीयों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। सीएम का जापान दौरा 25 और 26 फरवरी को होगा। जहां वो सबसे पहले टोक्यो से करीब 45 किलोमीटर दूर एक स्थान पर श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। उसके बाद जापान की हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन की सवारी करेंगे।

विपक्षी दल सपा को योगी आदित्यनाथ का ये विजन पसंद नहीं आ रहा। अखिलेश यादव सीएम योगी पर तंज कसा कि जापान के साथ क्योटो भी देख आइए कि क्यों काशी क्योटो नहीं बन पाया।



