संसद का मानसून 13 अगस्त 2026 तक चलना है (Parliament Monsoon Session 2026)। यह कुल 25 दिन का सत्र है। लेकिन, इन 25 दिनों में से अब केवल दो दिन बचे हैं। तो सवाल ये है कि, इन 23 दिनों में अबतक हुआ क्या-क्या हुआ? संसद के मानसून सत्र में शुरुआती दो हफ्तों के भीतर लोकसभा में 6 और राज्यसभा में 2 महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। मगर, इन 23 दिनों में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाई। विपक्षी लगातार हंगामा करते रहे और सरकार हंगामे का दोष विपक्ष पर मढ़ कर खानापूर्ति करती रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक साथ मिलकर संसद का समय और करदाताओं का पैसा बर्बाद किया। सरकार का अड़ियल रवैया तो सबने देखा ही, विपक्ष का चर्चा पर बवाल काटने के बाद इससे बचने की कोशिश भी सबने देखी।
प्रियंका गांधी की किस BJP सांसद से हुई बहस?
मंगलवार को संसद परिसर में एक गजब का नजारा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे के सामने खड़े हो गए (Parliament Uproar)। दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए। NDA के सांसदों में विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, तो वहीं कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा और बीजेपी सांसद मुकेश दलाल आमने-सामने आ गए (Priyanka Gandhi vs Mukesh Dalal)। प्रियंका के संसद पहुंचने पर BJP सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मुकेश दलाल ने पूछा कि, राहुल गांधी झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से मिलने क्यों नहीं गए? इस पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुस्कुराते हुए कहा कि, राहुल गांधी झारखंड गए हैं और छात्र प्रदर्शनकारियों से मिल भी चुके हैं।
संसद में किस बात पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध?
दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। छात्रों पर आरोप लगा था कि उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। तो वहीं पुलिस पर आरोप लगे थे कि, उसने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और पैलेट गन का इस्तेमाल भी हुआ। विपक्षी दल खासतौर पर कांग्रेस इस मुद्दे पर अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि, अमित शाह के कहने पर छात्रों पर लाठियां भांजी गई और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ। चूंकि अब संसद के मानसून के सत्र में सिर्फ तीन दिन बचे हैं, लिहाज़ा सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में क्या बोलते हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तो राहुल गांधी को चुनौती भी दे चुके हैं कि, सरकार चर्चा के लिए तैयार है और अमित शाह भी बोलेंगे, लेकिन राहुल गांधी संसद छोड़कर भागे नहीं।



