देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) को जोरदार झटका लगा है। पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा सभापति की मंजूरी के बाद अधिसूचना भी जारी कर दी गई है (AAP MPs Join BJP)।

राज्यसभा में बीजेपी की बढ़ी ताकत
इस फैसले के बाद राज्यसभा में बीजेपी का संख्याबल बढ़ गया है (BJP Strength Increased)। बीजेपी सांसदों की संख्या अब 113 हो गई है, जिनमें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 5 सदस्य भी शामिल हैं। वहीं AAP की संसदीय ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा है (AAP Crisis)। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं।

राघव चड्ढा ने आप पर लगाए आरोप
सबसे ज्यादा चर्चा राघव चड्ढा के फैसले को लेकर हो रही है। उन्होंने कहा कि (Raghav Chadha Statement) वह राजनीति में करियर बनाने नहीं, बल्कि करियर छोड़कर आए थे। लेकिन अब पार्टी में उन्हें काम करने से रोका जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी कुछ ऐसे लोगों के हाथों में फंस गई है जो सिर्फ निजी फायदे के लिए काम कर रहे। राघव चड्ढा ने कहा कि उनके सामने तीन रास्ते थे राजनीति छोड़ना, पार्टी के अंदर रहकर सुधार करना या फिर किसी दूसरी पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करना। उन्होंने बताया कि सातों सांसदों ने मिलकर तीसरा रास्ता चुना। इस घटनाक्रम को विपक्षी राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर दिल्ली, पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।


