Friday, June 21, 2024
HomeबॉलीवुडSalman wanted to change the Bajrangi Bhaijaan climax : बजरंगी भाईजान का...

Salman wanted to change the Bajrangi Bhaijaan climax : बजरंगी भाईजान का क्लाइमेक्स बदलना चाहते थे सलमान खान, जानिए क्या सोचा था कहानी का अंत

साल 2015 में 17 जुलाई को रिलीज हुई फिल्म बजरंगी भाईजान (Bajrangi Bhaijaan) ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धूम मचाई। ये फिल्म सलमान खान (Salman Khan) की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक रही। फिल्म ने इंडिया में 315.49 करोड़ और वर्ल्‍डवाइड 918.18 करोड़ रुपए कमाए थे। कबीर खान (Kabir Khan) के डायरेक्‍शन में बनी इस फिल्‍म की कहानी एसएस राजामौली (SS Rajamouli) के पिता वी. विजयेंद्र प्रसाद (V. Vijayendra Prasad) ने लिखी है। इस फिल्म (Film) की कहानी ऐसी थी, जिसने सभी के दिल को छू लिया। फिल्म रिलीज के 8 साल बाद खुद सलमान खान ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वो फिल्म का क्लाइमेक्स (climax) बदलना चाहते थे।

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सलमान खान ने बताया कि उन्होंने बजरंगी भाईजान के क्लाइमेक्स (Bajrangi Bhaijaan climax) को बदलने के लिए बात की तो एसएस राजामौली भी इससे सहमत थे। राजामौली ने इसको लेकर अपने पिता से बात भी की थी। लेकिन फिर भी लास्ट वक्त पर शूटिंग के दौरान सबकुछ वैसे ही शूट किया गया। जैसा कि कहानी में पहले से लिखा गया था।

ऐसा क्लाइमेक्स चाहते थे सलमान खान

ब्लॉकबस्टर रही फिल्म बजरंगी भाईजान की कहानी एक 7 साल की बच्ची मुन्नी (Munni) के इर्द-गिर्द घूमती है। जिसे उसके मुल्क पाकिस्तान तक छोड़ने के लिए सलमान खान रात-दिन एक कर देते हैं। सभी को याद होगा कि आखिर में सलमान खान मुन्नी का हाथ पाकिस्तानी रिपोर्टर चांद नवाब की भूमिका निभा रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) के हाथ में दे देते हैं। ताकि वो मुन्नी को उसके घर छोड़ सके।

सलमान खान इसी सीन को बदलना चाहते थे। वो चाहते थे कि पवन (सलमान खान) खुद मुन्नी को उसकी मां को सौंपते। क्योंकि पूरी फिल्म में पवन यही कहता है कि मैं मुन्नी को छोड़कर आऊंगा। सलमान खान चाहते थे कि पवन खुद मुन्नी को उसकी मां तक पहुंचाता। उसे मां की तरफ दौड़ता हुआ देखता, खिलखिलाते हुए देखता और फिर गोली वाला सीन आता। जिसमें सलमान खान को गोली मार दी जाती है।

हालांकि सलमान खान ने रियल कहानी को बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी इतनी जबरदस्त थी कि किसी को भी फिल्म में एक्टिंग करने की जरूरत ही नहीं थी। आप बस सेट पर जाते और उस अहसास में डूब जाते।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Posts

Most Popular