Wednesday, September 16, 2026
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3 मार्च 2026: भारत में दिखने वाला साल का पहला चंद्र ग्रहण,जानें ग्रहण का सही समय और इसका क्या होगा असर?

Chandra Grahan 3 March 2026: मार्च का महीना एक खगोलीय घटना के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, 3 मार्च को होली से ठीक एक दिन पहले चंद्र ग्रहण लगेगा जिसका असर अधिकांश भारत पर देखने को मिलेगा। indianviewer.com आपको अपने इस लेख के जरिए भारत में चंद्र ग्रहण का सही समय और हमारे जीवन पर पड़ने वाले इसके असर की विस्तृत जानकारी साझा करेगा।

3 मार्च 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार के दिन दिखाई देगा जिसका असर भारत के ज्यादातर हिस्सों पर देखने को मिलेगा। खगोलीय विज्ञान के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो पृथ्वी की छाया पड़ने की घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। कई लोग इसे ब्लड मून (Blood Moon) के नाम से भी जानते है। विश्वभर में चंद्र ग्रहण कई घंटों तक चलेगा जिसकी शुरूआत दोपहर भारतीय समयानुसार 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगी, लेकिन भारत में इसका असर ग्रहण के अंतिम पड़ाव पर दिखेगा।

भारत में चंद्र ग्रहण लगने का वक्त:

चंद्र ग्रहण का वक्त- 03: 20 मिनट(भारतीय समायनुसार)

पूर्ण ग्रहण का काल- शाम से पहले का वक्त जब चंद्रमा पृ्थ्वी की पूरी तरह छाया में होगा।

भारत में चंद्र ग्रहण का वक्त: लगभग शाम 06:25 (पंचाग के अनुसार चंद्र उदय का वक्त)

ग्रहण के समाप्त होने का वक्त: शाम क़रीब 06: 46 बजे

भारत में चंद्र ग्रहण की अवधि: देशभर में चंद्र ग्रहण की अवधि काफी लंबी होगी, लेकिन भारत में ये ग्रहण बिल्कुल अंतिम चरणों में दिखाई देगा, जिसकी अवधि केलव 15 से 20 मिनट के आसपास होगी।

धार्मिक दृष्टि से सूतक काल का वक्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भी ग्रहण लगता है तो उसके सूतक काल की अवधि का वक्त ग्रहण लगने के 9 घंटे पहले से माना जाता है। इस दौरान सभी मंदिरों को बंद कर दिया जाता है। पूजा-पाठ नहीं होती है, मंदिर के पुजारी कपाट बंद करके मंत्र उच्चारण कर देवताओं का समरण करते हैं।

चंद्र ग्रहण का मानव जीवन पर क्या असर पड़ता है?

ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का मानव जीवन पर गहरा असर माना गया है। ऐसी मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के वक्त चंद्रमा कमजोर हो जाता है। जिसकी वजह से व्यक्ति की मानसिक स्थिति कमजोर हो जाती है, मन बेचैन होता है, तनाव महसूस होता है। हिन्दू धर्म में ग्रहण के दौरान लोगों को मंत्र उच्चारण कर मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है। ऐसी भी मान्यता है, कि ग्रहण के दौरान ना भोजन करना चाहिए ना ही सोना चाहिए इसे अशुभ माना गया है। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान और दान का भी बड़ा महत्व माना जाता है।

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