Tuesday, May 21, 2024
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AERO INDIA 2023: ‘पवनपुत्र’ का ट्रेलर देख उड़े चीन-पाकिस्तान के होश, पीएम मोदी ने बढ़ाया वायुवीरों का जोश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2023 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि एयरो इंडिया भारत की बढ़ती क्षमताओं का एक उदाहरण है और यहां लगभग 100 देशों की भागीदारी ने भारत में दुनिया के बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित किया है। 14वां एयरो इंडिया, जो पांच दिनों (13-17 फरवरी से) में होगा, थीम “द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्च्यूनिटीज” भारत की बढ़ती एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं को उजागर करेगा। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के लिए “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू उपकरणों और प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायों के साथ गठबंधन बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह एक मजबूत और स्वतंत्र “न्यू इंडिया” की स्थापना को भी प्रदर्शित करेगा। यह कार्यक्रम वर्तमान में येलहंका वायु सेना स्टेशन पर हो रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट

बेंगलुरू के येलहंका वायु सेना स्टेशन में एयरो इंडिया 2023 के 14वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, 21वीं सदी का नया भारत ना तो कोई असवर गंवाएगा और ना ही मेहनत में कमी करेगा। यही नहीं पीएम मोदी ने एयरो इंडिया को भारत की नई ताकत और क्षमताओं का आईना बताया। जबकि, इस दौरान पीएम मोदी ने REFORM, PERFORM और TRANSFORM का नारा भी दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि..

''जब कोई देश नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ता है तो उसकी व्यवस्थाएं भी नई सोट के हिसाब से ढलने लगती हैं। एयरो इंडीया का ये आयोजन आज नए भारत की नई अप्रोच को भी दर्शाता है। एयरो इंडिया शो से 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल मिलने के साथ ही घरेलू विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा। 21वीं सदी का नया भारत अब ना कोई मौका खोएगा, और ना ही अपनी मेहनत में कोई कमी रखेगा। हम कमर कस चुके हैं, हम रिफॉर्म्स के रास्ते पर, हर सेक्टर में क्रांति ला रहे हैं, जो देश दशकों से सबसे बड़ा डिफेंस इंपोर्टर था, वो अब दुनिया के 75 देशों को डिफेंस इक्वीपमेंट एक्सपोर्ट कर रहा है। अमृतकाल का भारत एक फाइटर पायलट की तरह आगे बढ़ रहा है। ''

एयरो इंडिया 2023 में कितने देश लेंगे भाग, क्यो हैं ये शो खास ?

एयरो इंडिया 2023 में 90 से अधिक देश भाग लेंगे। एयरो इंडिया 2023 में लगभग 30 देशों के मंत्रियों और वैश्विक और भारतीय OEM के 65 सीईओ के भाग लेने की संभावना है। एयरो इंडिया 2023 प्रदर्शनी में लगभग 100 विदेशी और 700 भारतीय कंपनियों सहित 800 से अधिक रक्षा कंपनियों की भागीदारी देखी जाएगी। प्रदर्शनी में भाग लेने वाली भारतीय कंपनियों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप शामिल हैं, जो देश में आला प्रौद्योगिकियों की प्रगति, एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं में वृद्धि का प्रदर्शन करेंगे। एयरो इंडिया 2023 में शामिल होने वाली प्रमुख कंपनियां हैं…

  • Airbus
  • Boeing
  • Dassault Aviation
  • Lockheed Martin
  • Israel Aerospace Industry
  • BrahMos Aerospace
  • Army Aviation
  • HC Robotics
  • SAAB
  • Safran
  • Rolls Royce
  • Larsen & Toubro
  • Bharat Forge Limited
  • Hindustan Aeronautics Limited (HAL)
  • Bharat Electronics Limited (BEL)
  • Bharat Dynamics Limited (BDL)
  • BEML Limited

एयरो इंडिया शो में भारत ने दिखाई अपनी वायुशक्ति

एयरो इंडिया 2023 के पहले दिन SU-30MKI लड़ाकू विमानों ने 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीले आकाश का सीना चीरते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मेड इन इंडिया लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘द प्रचंड’ ने उड़ान भरी। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम के विमानों ने उड़ान भरी और आसमान में करतब दिखाए। इसके अलावा तेजस और C-70 ग्लोबमास्टर ने भी उड़ान भरकर पूरी दुनिया को भारतीय वायुसेना की शक्ति दिखाई।

सोशल मीडिया पोस्ट

नए फाइटर जेट ट्रेनर पर हनुमान जी की तस्वीर

एयरो इंडिया शो 2023 में प्रदर्शित हिंदुस्तान लीड इन फाइटर जेट के स्केल मॉडल में इसकी पूंछ पर भगवान हनुमान की तस्वीर दिखाई दी । यह जेट अगली पीढ़ी का सुपरसोनिक ट्रेनर है और इससे भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलटों को ट्रेन करने में आसानी होगी। HAL अनुसार, ‘बजरंग बली हनुमान’ की तस्वीर के साथ HLFT-42 ‘नेक्स्ट जेन सुपरसोनिक ट्रेनर’ है जो आधुनिक लड़ाकू विमान प्रशिक्षण में सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किए गए एरे, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, इन्फ्रारेड सर्च और फ्लाई बाई वायर कंट्रोल सिस्टम जैसे अत्याधुनिक वैमानिकी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

‘तपस’ के तेज से कांपेंगे चीन और पाकिस्तान !

भारत में बने तापस ड्रोन ने भी एयरो इंडिया शो में अपनी शक्ति दिखाई। तापस का पूरा नाम Tactical Airborne Platform for Aerial Surveillance-Beyond Horizon है, और इसे डीआरडीओ ने ही बनाया है।

- TAPAS ड्रोन सीमाओं की निगरानी करने के साथ हमला करने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। 
- ये 28 हजार फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से ज्यादा की उड़ान भर सकता है
- तापस एक मीडियम एल्टीट्यूट लॉन्ग-इंड्यूरेंस ड्रोन है, जो अमेरिका के MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन जैसा ही है
-  तापस अपने आप ही टेकऑफ और लैंड करने की क्षमता रखने वाला ड्रोन है
- 20.6 मीटर के विंग स्पैन वाला तापस ड्रोन लगातार 1000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है
- तापस ड्रोन दिन और रात दोनों में ही निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है
- तापस ड्रोन को पहले रुस्तम-2 के नाम से पुकारा जाता था, अधिकतम रफ्तार 224 किलोमीटर प्रतिघंटा थी
-  2016 से ही तापस का उत्पादन शुरू किया जा चुका है, अभी वायु सेना में शामिल नहीं किया गया है
- माना जा रहा है कि एयरो इंडिया शो में उड़ान के बाद ये भारतीय सेना में जल्द ही शामिल हो जाएगा
TAPAS DRONE

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