Tuesday, May 21, 2024
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Bageshwar Dham: ‘हनुमान जी करेंगे थोबड़ा लाल’, बागेश्वर धाम के महाराज को गुस्सा क्यों आया?

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लोग ‘बागेश्वर सरकार’ के नाम से बुलाते हैं। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर सरकार के धाम में भक्तों की लाइन लगी रहती है। महाराज जी दावा करते हैं कि उन्हें ईश्वरीय शक्तियों से लोगों की समस्याएं पता चल जाती हैं, जिसकी वजह से वो लोगों के मन की बात पढ़ लेते हैं। लेकिन, नागपुर में अंधविश्वास अनमुल्न समिति ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने और चुनौती से भागने का आरोप लगाया, जिसके बाद वो सुर्खियों में आ गए। हालांकि, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रायपुर में कहा कि..

”हनुमान जी की पूजा करना अंधश्रद्धा है तो भारत के जितने भी हनुमान भक्त हैं सब पर FIR होनी चाहिए, फिर कैसे तुम्हारा थोबड़ा लाल करेंगे हनुमान जी”

यही नहीं बागेश्वर धाम वाले कथा वाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर की समिति का चैलेंज स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि, ” रायपुर आओ, किराया हम देंगे। देश में अब हिंदू जाग रहे हैं। हिंदू विरोधी ताकतों को अब मुंह की खानी पड़ेगी। मैं कोई संत नहीं हूं। मैंने ये कभी नहीं कहा। मैं तो साधारण आदमी हूं।”

रायपुर के गुड़ियारी में श्रीराम कथा के दूसरे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, नागपुर में कथा छोड़कर भाग जाने और अंधविश्वास फैलाने का आरोप सरासर गलत है। उन्होंने ऐलान किया कि रायपुर में 20 और 21 जनवरी को दिव्य दरबार लगेगा। इस दरबार में आकर चुनौती स्वीकार करें।

कैसे सुर्खियों में आए ‘बागेश्वर महाराज’?

सारा विवाद नागपुर की अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक और नागपुर की जादू-टोना विरोधी नियम जनजागृति प्रचार-प्रसार समिति के सह-अध्यक्ष श्याम मानव के बयान के बाद शुरू हुआ। पंडित धीरेंद्र शास्त्री हाल ही में नागपुर गए थे। वहां उन्होंने अपना दिव्य दरबार लगाया। लेकिन, राम कथा खत्म होने से दो दिन पहले ही वो चले गए। इस पर समिति ने अंध विश्वास फैलाने और डर का दरबार बताया। साथ ही भक्तों की समस्याएं और उनको लेकर किए जाने वाले दावों को सिद्ध करने के लिए कहा था।

कौन हैं बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ?

  • धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को बागेश्वर धाम महाराज के रूप में जाना जाता है
  • 15 जुलाई 1996 में MP के छतरपुर के गड़ा गांव में जन्म हुआ था
  • धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के दादा पंडित सेतुलाल गर्ग भी कथावायक थे और उन्हीं से दीक्षा लेकर कथावाचक बने
  • आजकल छतरपुर के गड़ा गांव में ही ‘चमत्कारी दिव्य दरबार’ लगाते हैं
  • उनके भक्तों का दावा है कि वो लोगों से पूछे बिना उनके मन की बात पढ़ लेते हैं
  • दावा ये भी है कि बिना पूछे किसी भी व्यक्ति की समस्या जान लेते हैं
  • हालांकि वो कथावाचन और मन की बात पढ़ने से ज्यादा ‘झाड़-फूंक’ की वजह से मशहूर हैं
  • उन पर ‘अंधविश्वास’ और ‘जादू-टोना’ फैलाने का भी आरोप लगा है
सोशल मीडिया पोस्ट

बड़े-बड़े राजनेता भी ‘महाराज’ के सामने झुका चुके हैं सिर

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसूइया उइके, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा और टीवी अभिनेता अरुण गोविल भी हाज़िरी लगा चुके हैं। बागेश्वर धाम के महाराज कोल्हापूर की पगड़ी ही महनते हैं। जानकारों का मानना है कि बागेश्वर धाम है और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री खुद को इस धाम का महाराज बताते हैं। यानी कि वो यहां के राजा है। ये पगड़ी राजाओं के सिर पर होती थी। मुमकिन है कि बागेश्वर धाम महाराज भी इसीलिए यह पगड़ी पहनते हैं।

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