Tuesday, May 21, 2024
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Budget 2023: फिर बढ़ा देश का रक्षा बजट, जानिए चीन और पाकिस्तान के मुकाबले कहां खड़ा है भारत?

एक तरफ पाकिस्तान है जो भारत के खिलाफ आतंकी साज़िशें रच रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ चीन है जो सीमा पर संग्राम का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। एशिया और भारत के पड़ोस में स्थित यही वो दो देश हैं जिनसे हिंदुस्तान को सतर्क रहने की ज़रूरत है। खासतौर पर चीन से, क्योंकि चीन की सैन्य ताकत हमसे कहीं ज़्यादा है। लिहाज़ा, भारत ने मेक इन इंडिया के तहत देश में सैन्य साज़-ओ-सामान के निर्माण की शुरुआत की। बॉर्डर से लगे इलाकों में विकास तेज़ किया। सड़क से लेकर तमाम बुनियादी ढांचों को मज़बूत किया जाने लगा। लेकिन, इसके लिए अभी और पैसों की दरकार है, जिसका इंतज़ाम निर्मला सीतारमण ने 2023 के इस बजट में कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने रक्षा बजट में 12.95 फीसदी की बढोतरी का ऐलान किया है। देश की सेनाओं के आधुनिकीकरण, हथियारों की खरीद- फरोख्त और मेक इन इंडिया के तहत देश में ही हथियार बनाने के लिए अलग से पैसों की व्यवस्था भी की गई है। आंकड़ों में देखिए कैसे रक्षा बजट में साल दर साल इज़ाफा किया गया।

कैसे बढ़ता गया रक्षा बजट

  • 2018 में रक्षा बजट 4.04 लाख करोड़ रुपए था
  • 2019 में इसे बढ़ाकर 4.31 लाख करोड़ किया गया
  • 2020 में रक्षा बजट 4.71 लाख करोड़ रुपए हो गया
  • 2021 में 4.78 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए
  • 2022 में रक्षा बजट 5.25 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया
  • 2023 में डिफेंस बजट 5.94 लाख करोड़ रुपए का है

भारत सरकार ने नए हथियार, विमान, युद्धपोत और दूसरे सैन्य साज़-ओ-सामान की खरीद के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपए अलग रखे हैं। जबकि रक्षा पेंशन के लिए अलग से 1 लाख 38 हज़ार 205 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा सीमाई इलाकों में विकास कार्य के लिए निर्मला सीतारमण ने अलग से पैकेज देने का ऐलान किया।

सरकार की कोशिश की है कि पड़ोसी देशों की सीमा से लगते गांव सालभर गुलज़ार रहें। इसके लिए वाइब्रेंट बार्डर विलेज प्रोग्राम के तहत विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा। बॉर्डर से लगते गावों को ना सिर्फ जरूरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा, बल्कि लोगों की कमाई के लिए पर्यटकों को भी यहां तक लाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे एक साथ कई फायदे होंगे। पर्यटक भी बॉर्डर से सटे गांवों तक पहुंच जाएंगे, लोगों को रोज़गार भी मिलेगा, और ज़रूरत पड़ने पर सैन्य गतिविधियों को भी अंजाम देने में आसानी होगी जाएगी।

आंकड़ों में देखिए किस एशियाई देश का कितना डिफेंस बजट

  • चीन का रक्षा बजट 19 लाख करोड़ है
  • भारत का रक्षा बजट 5.94 लाख करोड़ रुपए है
  • पाकिस्तान का पिछले साल का रक्षा बजट करीब 61 हज़ार करोड़ रुपए था
  • बांग्लादेश का पिछला रक्षा बजट 31 हज़ार करोड़ रुपए था
  • श्रीलंका का पिछला रक्षा बजट 9 हज़ार करोड़ रुपए था
  • नेपाल का डिफेंस बजट 3579 करोड़ रुपए करोड़ रुपए है
  • अफगानिस्तान का पिछला रक्षा बजट 405 करोड़ रुपए था

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