Tuesday, May 21, 2024
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Delhi: जमीयत के अधिवेशन में अरशद मदनी के बिगड़े बोल, मंच से ही जैन मुनि ने खोल दी पोल

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के आखिरी दिन मौलाना अरशद मदनी (JUH चीफ के चाचा) के बयान पर हंगामा खड़ा हो गया। RSS चीफ मोहन भागवत ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक जैसे हैं। लेकिन, इसका जवाब देते हुए अरशद मदनी ने कुछ ऐसा कह दिया की बवाल हो गया। मदनी ने कहा कि…

''मैंने पूछा कि जब कोई नहीं था। न श्रीराम थे, न ब्रह्मा थे और न शिव थे, जब कोई नहीं था, तो मनु पूजते किसको थे। कोई कहता है कि शिव को पूजते थे। बहुत कम लोग ये बताते हैं कि मनु ओम को पूजते थे। ओम कौन है? बहुत से लोगों ने कहा कि उसका कोई रूप-रंग नहीं है। वो दुनिया में हर जगह हैं। अरे बाबा इन्हीं को तो हम अल्लाह कहते हैं। इन्हें आप ईश्वर कहते हैं। तुम्हारे पूर्वज हिंदू नहीं, मनु थे यानी आदम।''
सोशल मीडिया पोस्ट

अरशद मदनी यहीं नहीं रुक बल्कि अपनी जहरीली जुबान से लोगों को बरगलाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने इस्लाम की प्रशंसा तो की, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहे। वो ये भूल गए कि उनके विवादत बयान से समाज में नफरत की भावना फैलेगी, आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचेगा। मदनी आगे कहा कि…

''मैंने बड़े-बड़े धर्मगुरुओं से पूछा कि अल्लाह ने जिस पहले आदमी को धरती पर उतारा वो किसकी पूजा करता था। दुनिया के अंदर अकेला आदम था, उसे कहते क्या हो। लोग अलग-अलग बातें कहते थे। धर्मगुरुओं ने कहा कि हम उसे मनु कहते हैं, हम आदम कहते हैं, अंग्रेजी बोलने वाले एडम कहते हैं। हम आदम की औलाद को आदमी और ये मनु की औलाद को मनुष्य कहते हैं।''

मदनी को मंच से जैन मुनि ने दिया करारा जवाब

मौलाना मदनी के बयान का जैन मुनि लोकेश ने विरोध किया। उन्होंने मंच से ही मौलाना अरशद मदनी को खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि ये अधिवेशन लोगों को जोड़ने के लिए हो रहा है। ऐसे में इस तरह का बयान कहां तक जायज़ है। इसके बाद वो कार्यक्रम से उठकर चले गए। जैन मुनि लोकेश के जाने के बाद दूसरे धर्मों के संतों ने भी कार्यक्रम छोड़ दिया। सुनिए जैन मुनि ने क्या कहा…

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