Big decision regarding gas cylinder supply: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत में भी दिखने लगा है,घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर नए आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि स्थितियां कंट्रोल में हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को कई जगह कम किया गया है, तो कई जगह रोका गया है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यानि कि अब उपभोक्ता 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर नहीं ले पाएगा।

कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों को लेकर फैसला
मिडिल ईस्ट में संकट के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है, ऐसे में सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि कच्चे तेल, डीजल या पेट्रोल का कोई संकट नहीं है, मगर LPG और PNG की घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। इसमें कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में कमी और घरेलू सिलेंडर खरीद की समय सीमा बढ़ाई गई है। उत्तराखंड में भी कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रोकी गई है। विभाग के एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती ने बताया कि पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है।
सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 लागू किया
इसके अलावा सरकार ने एक बड़ा फैसला और भी लिया है। सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 (Essential Commodities Act 1955)को लागू कर दिया है। इस एक्ट के तहत सरकार ने LPG यानि कि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस का प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस एक्ट के जरिए सरकार को जरूरी चीजों के प्रोडक्शन, सप्लाई, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रेड को कंट्रोल करने का अधिकार मिलता है। ताकि उपलब्धता बनी रहे, सही दाम मिले और कालाबाजारी न हो।
सरकार का ऐलान, फिलहाल नहीं बढ़ेंगे दाम
सरकार ने ये साफ किया है कि फिलहाल डीजल, पेट्रोल के दाम बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं, मगर ऐसी स्थिति नहीं है कि कीमतों में इजाफा किया जाए। मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ फैसले लिए गए हैं। हालांकि इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है।



