Wednesday, September 16, 2026
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भारत-नेपाल रिश्तों में नई गर्माहट! सीमा विवाद से लेकर रेल कनेक्टिविटी तक, जानिए हाईलेवल मीटिंग में क्या-क्या हुआ?

नई दिल्ली/काठमांडू: भारत और नेपाल के बीच रिश्तों को (India Nepal Relations) नई दिशा देने की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान (Nepal Foreign Minister Shisir Khanal India Visit) दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित मुद्दों, सीमा विवाद, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को फिर से सक्रिय करने पर गंभीर चर्चा हुई। यात्रा के समापन पर खनाल ने स्पष्ट संकेत दिए कि दोनों देश अब पुराने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार हैं।

सीमा विवाद पर बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश

नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सीमा से जुड़े कुछ मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए पहले से कई द्विपक्षीय तंत्र मौजूद हैं, लेकिन इनमें से कई वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन तंत्रों को फिर से सक्रिय कर दोनों देशों को बातचीत की मेज पर बैठकर समाधान तलाशना चाहिए (India Nepal Border Talks)। खनाल ने कहा कि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील विषयों पर भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है और दोनों देशों में इस बात की इच्छा दिखाई दे रही है कि संवाद के माध्यम से आगे बढ़ा जाए।

दो साल बाद फिर शुरू हो सकती हैं उच्चस्तरीय राजनीतिक यात्राएं

नेपाल के विदेश मंत्री की यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क को फिर से गति देना था। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से शीर्ष स्तर की यात्राओं में ठहराव आया हुआ था, जिसे अब खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और नेपाल के शीर्ष नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के बीच नियमित मुलाकातों का सिलसिला फिर शुरू होगा, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती मिलेगी (India Nepal Diplomacy)।

जयशंकर और NSA के साथ हुई अहम बैठकें

दिल्ली दौरे के दौरान खनाल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar Meeting) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के साथ विस्तृत चर्चा की (Nepal India High Level Talks)। बैठकों में सीमा मुद्दों के अलावा ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। नेपाली विदेश मंत्री ने इन बैठकों को “बेहद सकारात्मक और परिणामोन्मुख” बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाई है।

जनकपुर-अयोध्या रेल परियोजना पर बढ़ीं उम्मीदें

भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाली जनकपुर-अयोध्या रेल परियोजना भी बातचीत का प्रमुख विषय रही। नेपाल ने इस परियोजना को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। खनाल ने कहा कि नेपाल इस रेल संपर्क को लेकर बेहद उत्साहित है और उम्मीद करता है कि जल्द ही जनकपुर से अयोध्या तक रेल सेवा शुरू होगी (Janakpur Ayodhya Rail Link)। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा (India Nepal Connectivity)।

नई सरकार की प्राथमिकताओं से भारत को कराया अवगत

नेपाल में प्रधानमंत्री बलेंद्र “बालेन” शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार की प्राथमिकताओं को भी विदेश मंत्री ने भारत के सामने रखा। उन्होंने बताया कि नई सरकार पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा भरने वाली साबित हो सकती है। सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत की इच्छा, उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाने की पहल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति देने की प्रतिबद्धता दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

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