अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद सीमा पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है (Israel Hezbollah War)। शुक्रवार को इजरायली वायुसेना ने लेबनान की बेका घाटी में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिससे क्षेत्र में नए टकराव की आशंका और गहरा गई है।
इजरायल का दावा- हमारे सैनिकों को निशाना बनाया
इजरायली सेना (IDF) का दावा है कि हिजबुल्लाह लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है और दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिशें जारी हैं (Hezbollah Attack)। इसी के जवाब में इजरायली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के कथित सैन्य ढांचे और आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया (Israel Air Strike)।
हमले में इजरायली अधिकारी समेत 4 सैनिकों की मौत
तनाव उस समय और बढ़ गया जब इजरायल ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह द्वारा किए गए ड्रोन हमले में एक टैंक बटालियन कमांडर समेत 4 सैनिकों की मौत हो गई। मारे गए अधिकारी की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल डोर गेडालिया बेन सिम्होन (32) के रूप में हुई है, जो 401वीं आर्मर्ड ब्रिगेड की 52वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे। इसके अलावा एक अन्य हमले में 5 इजरायली सैनिक घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इजरायली सेना के अनुसार, हिजबुल्लाह द्वारा छोड़े गए विस्फोटक ड्रोन ने कमांडो ब्रिगेड के जवानों को निशाना बनाया।
इजरायली मंत्री का बयान,”पूरा लेबनान जलना चाहिए”
इन घटनाओं के बाद इजरायल की राजनीति में आक्रामक स्वर सुनाई देने लगे हैं। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने (Itamar Ben Gvir) बेहद कड़ा बयान देते हुए कहा कि लेबनान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी (Israel Lebanon Conflict)। उन्होंने कहा कि,
“इजरायली नागरिकों और सैनिकों के खून का जवाब केवल सख्त कार्रवाई से दिया जा सकता है। ग्विर ने संकेत दिया कि सीमित जवाबी कार्रवाई से कुछ हासिल नहीं होगा और आतंकवाद को पूरी तरह कुचलना ही इजरायल की प्राथमिकता होनी चाहिए”।
रुकी अमेरिका-ईरान वार्ता, क्षेत्र में बढ़ी अनिश्चितता
दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत भी फिलहाल ठहराव की स्थिति में पहुंच गई है। ऐसे में पश्चिम एशिया में स्थिरता की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का खतरा पैदा हो सकता है (West Asia Tension)।
फिर युद्ध की ओर बढ़ रहा पश्चिम एशिया?
अमेरिका-ईरान समझौते से जहां क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी थी, वहीं लेबनान सीमा पर ताजा घटनाएं बता रही हैं कि जमीनी हालात अब भी बेहद नाजुक हैं। इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने के मूड में नहीं दिख रहा, जबकि दूसरी ओर हिजबुल्लाह भी लगातार जवाबी हमलों के संकेत दे रहा है। ऐसे में पूरा पश्चिम एशिया एक बार फिर नए संकट और संभावित युद्ध की आशंकाओं के साये में नजर आ रहा है।



