नई दिल्ली। NEET (UG) 2026 री-एग्जाम से (NEET Re Exam 2026) पहले केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है (Government-NTA Big Decision)। फर्जी ‘पेपर लीक’ के दावों और छात्रों को ठगने वाले संगठित साइबर नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए Telegram प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने का फैसला किया गया है (Telegram Banned for NEET)। यह रोक 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
Telegram पर कई संदिग्ध चैनल मिले
NTA के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में Telegram पर ऐसे कई चैनल सक्रिय पाए गए, जो कथित तौर पर NEET री-एग्जाम का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे थे। जांच में सामने आया कि इन चैनलों का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी अफवाहें फैलाना और अभ्यर्थियों को भ्रमित कर आर्थिक ठगी करना था (Telegram Ban India)।
प्लेटफॉर्म पर रोक और एडिट फीचर पर नियंत्रण
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत निर्देश जारी करते हुए Telegram की सेवाओं पर सीमित अवधि के लिए रोक लगाने का फैसला किया है (Telegram App Ban)। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म को 30 जून 2026 तक मैसेज-एडिटिंग फीचर पर भी नियंत्रण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि कुछ तत्व Telegram के एडिट फीचर का दुरुपयोग कर परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र अपलोड करते थे और पुराने टाइम-स्टैम्प वाले संदेशों को ‘पेपर लीक’ का कथित सबूत बताकर वायरल कर देते थे। इससे न केवल छात्रों में भ्रम फैलता था, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते थे।
‘पेपर लीक’ नहीं, सुनियोजित साइबर ठगी का खेल
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और री-एग्जाम का कोई प्रश्नपत्र किसी भी बाहरी व्यक्ति या समूह के पास उपलब्ध नहीं है। एजेंसी ने कहा कि “पेपर उपलब्ध कराने”, “100 प्रतिशत सफलता” या “पक्के प्रश्नपत्र” जैसे सभी दावे धोखाधड़ी हैं। जांच के दौरान जिन Telegram चैनलों पर नजर रखी गई, उनमें ‘PAPER LEAKED NEET’, ‘Re-NEET 2026’, ‘Private Mafia’ और ‘REE NEET MAFIAA’ जैसे नाम शामिल बताए गए हैं (Cyber Crime)। एजेंसी का कहना है कि ऐसे चैनलों के संचालकों और उनसे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के लिए विशेष निगरानी तंत्र
NTA ने 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले एक विशेष रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है (NEET Exam Security), जहां छात्र, अभिभावक, कोचिंग संस्थान और आम नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, परीक्षा में सफलता दिलाने या पेपर लीक होने का दावा करता है, तो उसकी जानकारी संबंधित स्क्रीनशॉट, लिंक और अन्य साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट की जा सकती है (Fake Paper Leak)। ये रिपोर्ट innovateindia. mygov. in/neet-ug-2026/ पोर्टल पर की जा सकती है। ऐसी जानकारी NTA की आधिकारिक वेबसाइट्स nta. ac. in/ और neet. nta. nic. in/ के जरिए भी जानकारी दी जा सकती है। इसके अलावा भारत सरकार से संबंधित गुमराह करने वाली जानकारी के बारे में PIB फैक्ट चेक को WhatsApp/हेल्पलाइन नंबर +91 8799711259 पर या ईमेल factcheck@pib.gov.in के जरिए भी रिपोर्ट किया जा सकता है। एजेंसी ने कहा कि ऐसी शिकायतों पर तत्काल जांच और कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की साख बचाने की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल एक मैसेजिंग ऐप पर कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के आसपास सक्रिय डिजिटल अफवाह तंत्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी दस्तावेज, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक दावे तेजी से फैलाए जाते रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति और परीक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं।
छात्र-छात्राओं का एडमिट कार्ड जारी
इस बीच NTA ने NEET (UG) 2026 री-एग्जाम (Re NEET Exam 2026) के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी अपने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से आधिकारिक वेबसाइट से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। सरकार और NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह, फर्जी चैनल या संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही मान्य समझें।



