नई दिल्ली: पेपर लीक मुद्दे पर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और Cockroach Janta Party (CJP) के बीच आज अहम बातचीत होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही CJP ने अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार की पहल और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद CJP ने शुक्रवार को देश के हर जिले में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने अभियान का नारा ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ रखा है और छात्रों, युवाओं व सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े अभिजीत
CJP का कहना है कि यह अभियान केवल पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध और प्रभावित छात्रों के समर्थन के लिए भी है। CJP ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर उसका धरना और देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सरकार और CJP के बीच अहम बैठक
आंदोलन के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल और CJP नेताओं के बीच बातचीत प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार, सरकार आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए एक लिखित प्रस्ताव भी सौंप सकती है। हालांकि, CJP नेतृत्व पहले ही संकेत दे चुका है कि केवल बातचीत से आंदोलन खत्म नहीं होगा और उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला जरूरी है।
वांगचुक ने अनशन खत्म किया, लेकिन आंदोलन नहीं थमा
26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर अनशन तोड़ा। वांगचुक ने बताया कि सरकार ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि,
-शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
-‘संसद चलो’ मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों में राहत दी जाएगी।
-पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले 20 से अधिक बच्चों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
-परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई आश्वासन नहीं दिया। सोनम वांगचुक ने कहा कि
“अब आप निश्चित तौर पर ये पूछेंगे कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ। पहली बात, वे मुझे इस बात पर कोई आश्वासन नहीं दे पाए कि यह इस्तीफा कब होगा। मेरा दिमाग अलग तरह से काम करता है। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इससे बच्चों या हमें कोई नुकसान नहीं होगा। इससे सरकार को ही नुकसान होगा। इस छोटे से मुद्दे से न निपटकर वे अपना ही नुकसान कर रहे हैं। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। इस्तीफे से यह सारा नुकसान बहुत पहले ही रुक गया होता।”
वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म, मगर अभिजीत अड़े
CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार की ओर से मिले प्रस्ताव के बावजूद उनकी सबसे बड़ी मांग अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होना राहत की बात है क्योंकि उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन संगठन का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते।
दिल्ली पुलिस अलर्ट, सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द
देशभर में प्रस्तावित प्रदर्शनों और दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। सभी रैंक के पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
‘संसद चलो’ मार्च की NIA जांच की मांग पर HC में सुनवाई
इसी बीच 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च की NIA से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई है। अदालत ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। इस याचिका पर होने वाली सुनवाई भी आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सबकी नजरें दो घटनाओं पर
आज का दिन आंदोलन के लिए निर्णायक माना जा रहा है। एक तरफ सरकार और CJP के बीच बातचीत होगी, वहीं दूसरी ओर देशभर में प्रस्तावित प्रदर्शन यह तय करेंगे कि आंदोलन आगे शांत होगा या और तेज़ रफ्तार पकड़ लेगा। यदि बातचीत बेनतीजा रहती है, तो आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



