Opposition protest in Parliament premises: विपक्षी नेताओं ने सरकार को संसद के अंदर और बाहर दोनों तरफ घेरने की कोशिश की। एक तरफ जहां विपक्ष ने पश्चिम एशिया में संकट पर चर्चा की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट किया तो वही दूसरी तरफ संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश के हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई दलों के नेता शामिल हुए।
विपक्ष ने ट्रंप के नाम पर पीएम मोदी को घेरा
इस मौके पर नेताओं के हाथ में एक बैनर था, जिस पर लिखा था कि इंडिया नीड लीडरशिप, नो साइलेंस यानि कि देश को नेतृत्व चाहिए, चुप्पी नहीं। विपक्ष के नेताओं ने नारेबाजी की कि ब्लैकमेल होना बंद करो। सरेंडर करना बंद करो। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को एपस्टीन फाइल और अडानी पर केस के चलते ब्लैकमेल किया जा रहा है। जिससे कि देश का नुकसान हो रहा है।
विपक्ष ने मांग की कि संसद में मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट को लेकर चर्चा होनी चाहिए। दरअसल कांग्रेस ने सदन में विदेश मंत्री जयशंकर के बयान पर असंतोष जताया और चर्चा की मांग की थी, जिसे अस्वीकार किया गया। जिसके बाद कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि चर्चा की मांग अस्वीकार होने पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए कि सरकार वॉर को लेकर अपना रुख साफ करे। उन्होंने अमेरिका का ऑर्डर मानने और पत्रकारों के जाने को लेकर भी सवाल उठाए।



