Tuesday, May 21, 2024
HomeखेलVirat Kohli: 'मुझ पर एक नाकाम कप्तान का ठप्पा लगा था', कोहली...

Virat Kohli: ‘मुझ पर एक नाकाम कप्तान का ठप्पा लगा था’, कोहली का सनसनीखेज़ बयान, जानिए धोनी क्यों करते हैं विराट को फोन

कोहली की कप्तानी में भारत 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी, 2019 विश्व कप, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतने में नाकाम रहा और यूएई में 2021 टी20 विश्व कप से समय से पहले बाहर हो गया। कोहली ने हालांकि कहा कि, ‘हार से काफी कुछ हासिल हुआ क्योंकि वो 2011 विश्व कप विजेता टीम, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली 2013 चैम्पियंस ट्राफी विजेता टीम का हिस्सा थे और पांच टेस्ट गदा जीतने वाली टीम के सदस्य भी थे।’ कोहली से पूछा गया कि क्या उन्हें टीम की अगुआई करते हुए ICC ट्रॉफी नहीं उठाने का दर्द महसूस हुआ, उन्होंने कहा कि..

''देखिए आप टूर्नामेंट जीतने के लिए खेलते हो। इसे लेकर काफी कुछ किया गया। मैंने 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी में कप्तानी की, मैंने 2019 विश्व कप टीम की कप्तानी की, मैंने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में भारत की कप्तानी की। इसलिए, तीन आईसीसी टूर्नामेंटों के बाद हम पिछला (2021) टी20 विश्व कप हार गए थे। हम क्वॉलीफाई नहीं कर पाए। हम 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचे, (2019) विश्व कप के सेमीफाइनल, (विश्व) टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचे, और मुझे एक असफल कप्तान माना गया।''
सोशल मीडिया पोस्ट

कोहली RCB पोडकास्ट के सीजन 2 में बोल रहे थे। पूर्व कप्तान ने कहा कि वह टीम में जो ‘सांस्कृतिक बदलाव’ लाने में सफल रहे, उसके लिए उन्हें खुद पर गर्व है। विराट कोहली ने और क्या-क्या कहा वो भी पढ़िए।

-- टीम कल्चर को बदलने का दावा -- 
''मैंने कभी खुद को उस नजरिये (ICC टूर्नामेंटों में हार) से नहीं आंका। एक टीम के रूप में और मेरे लिए एक सांस्कृतिक बदलाव के रूप में हमने जो हासिल किया, वह हमेशा गर्व की बात होगी क्योंकि एक टूर्नामेंट एक निश्चित अवधि के लिए होता है, लेकिन एक संस्कृति लंबे समय तक होती है, और इसके लिए आपको निरंतरता की आवश्यकता होती है।'
-- सचिन तेंदुलकर से खुद की तुलना --
''अगर आप इसे उस नजरिए से देखें तो ऐसे भी लोग रहे हैं जिन्होंने कभी विश्व कप नहीं जीता है। मेरे पास जो कुछ भी है उसके लिए मैं हमेशा आभारी हूं। सचिन तेंदुलकर अपना छठा विश्व कप खेल रहे थे अगर मैं गलत नहीं हूं, और यही वो था जो उन्होंने जीता था। मैं पहली बार टीम का हिस्सा बनने में सफल रहा और मैं जीतने वाली टीम का हिस्सा बन गया।''
-- करियर गलतियां नहीं ढूंढता --
 ''अगर मुझे देखना हो कि मेरे करियर में क्या गलत हुआ है तो ऐसा करना बहुत आसान है। लेकिन मुझे यह देखना होगा कि मेरे करियर में क्या सही हुआ है और मैं इसके लिए आभारी हूं।''
-- अनुष्का ने दिया हर मौके पर साथ -- 
''दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे चरण में (पत्नी) अनुष्का मेरे लिए ताकत का सबसे बड़ा स्रोत रही हैं क्योंकि वह इस पूरे समय मेरे साथ रही हैं और उन्होंने मुझे बहुत करीब से देखा है कि मैंने कैसा महसूस किया है, जिन चीजों से मैं गुजरा हूं, जिस तरह की चीजें हुई हैं।''
-- एम एस धोनी परिवार की तरह --
''मेरे बचपन के कोच और परिवार के अलावा, एकमात्र व्यक्ति जो वास्तव में मुझसे संपर्क करता है, वह एमएस धोनी है। इसलिए, उनके लिए मुझ तक पहुंचने के लिए, अब दो बार ऐसा हुआ है और मुझ तक पहुंचने के दौरान उन्होंने संदेश में जिन चीजों का उल्लेख किया था, उनमें से एक यह था, 'जब आपसे मजबूत होने की उम्मीद की जाती है और एक मजबूत व्यक्ति के रूप में देखा जाता है तो लोग ये पूछना भूल जाते हैं कि आप कैसा कर रहे हैं'? इसलिए यह (धोनी के शब्द) मेरे लिए घर जैसा रहा क्योंकि मुझे हमेशा ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जो बहुत आत्मविश्वासी, मानसिक रूप से बहुत मजबूत है, जो किसी भी परिस्थिति को सहन कर सकता है और रास्ता खोज सकता है और हमें रास्ता दिखा सकता है।''

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Posts

Most Popular