देश-विदेश के सैलानियों के लिए खुशखबरी…एक तरफ चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, तो दूसरी तरफ यात्रा शुरू होने से पहले टिहरी लेक फेस्टिवल इसमें चार चांद लगाने वाला है। टिहरी लेक फेस्टिवल 6 मार्च से शुरू होकर 9 मार्च तक चलेगा। टिहरी लेक फेस्टिवल के दौरान जिले में 9 स्थानों पर ट्रैकिंग अभियान भी चलेंगे। इस दौरान न सिर्फ हिमालय के खूबसूरती के दीदार होंगे, बल्कि ग्रामीण जनजीवन और परिवेश को भी करीब से समझने का मौका मिलेगा। टिहरी लेक फेस्टिवल का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों किया जाना प्रस्तावित है।

टिहरी खूबसूरत झील के चलते वाटर स्पोर्ट्स का बड़ा डेस्टिनेशन बन चुका है। मगर टिहरी वो नहीं, जो इतने भर में ही सिमट जाए। यहां हर छटा असीम है, लाजवाब है, बेहिसाब है। यहां के पहाड़ी ढलान, दूर तक फैले घने जंगल और हरे-भरे बुग्यालों के बीच ट्रैकिंग करना पर्यटकों के लिए एकदम दूसरी दुनिया के दर्शन हैं। इसीलिए जिला प्रशासन टिहरी लेक फेस्टिवल के दौरान पर्यटकों के लिए 9 स्थानों पर ट्रैकिंग अभियान संचालित करने जा रहा है, ताकि टिहरी आने वाले पर्यटकों के लिए ये सब एक अलग अनुभव हो।

ये सभी ट्रैकिंग अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि सैलानी टिहरी के गांवों के जीवन से भी रूबरू हो सकें। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल के मुताबिक ट्रैकिंग अभियानों का उद्देश्य केवल साहसिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है। ये पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और टिहरी को एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पयर्टकों के साथ प्रशिक्षित गाइड भी साथ चलेंगे, ताकि पयर्टकों की सुरक्षा और सुविधा में कोई कमी न आए। इसके पूरे इंतजाम किए गए हैं।

पर्यटकों के लिए रात में एस्ट्रो नाइट
फेस्टिवल के दौरान एस्ट्रो नाइट का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें खुले आसमान के नीचे तारों का अवलोकन कराया जाएगा। दिन में ट्रैकिंग और रात में तारामंडल का अनुभव, ये संयोजन प्रतिभागियों को प्रकृति से गहरे जुड़ाव का मौका देगा।

कहां से कहां तक की ट्रैकिंग, जानिए ट्रैकिंग रूट
07 मार्च
थंगधार कोटिया से अगान – 05 किमी
मंदार से पीडी पर्वत – 07 किमी
आगराखाल से कसमोली बर्ल्ड ट्रेल – 08 किमी
देवलसारी से नागटिब्बा – 08 किमी
08 मार्च
टिहरी झील से कोत्था पिकनिक स्पॉट – 04 किमी
गजा से घंटाकर्ण मंदिर – 04 किमी
गजा से डांडाचली – 10 किमी
थात से खैट पर्वत -07 किमी
हुलाना खाल से बरसाताल ट्रैक -04 किमी



