कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसा बड़ा ऑपरेशन चलाया है, जिसने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कई इलाकों में छापेमारी कर अवैध हथियारों और गोला-बारूद का भारी जखीरा बरामद किया है (West Bengal Arms Haul), तो दूसरी ओर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चर्चित भांगड़ बम ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी और फरार पूर्व विधायक साओकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
STF की ताबड़तोड़ रेड, हथियारों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब
खुफिया जानकारी के आधार पर STF ने कुमराखाली, बसंती और संदेशखाली समेत कई संवेदनशील इलाकों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए (Illegal Weapons Seized)। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल क्षेत्र में अशांति फैलाने और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था (Arms Cache Recovery)। छापेमारी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
CM ने कहा- ‘शांति के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा’
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पहले के दौर में अवैध हथियारों का इस्तेमाल आम लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए किया जाता था (Criminal Conspiracy), लेकिन अब ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में अवैध हथियारों का कोई स्थान नहीं है और शांति, सुरक्षा तथा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अभियान जारी रहेगा (Political Violence Investigation)।

भांगड़ बम ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा
इसी बीच NIA ने भांगड़ बम ब्लास्ट मामले में फरार चल रहे पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को दक्षिण 24 परगना जिले से गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब विधानसभा चुनाव से पहले कथित तौर पर बम बनाने के दौरान विस्फोट हो गया था। धमाके में एक व्यक्ति की मौत हुई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि विस्फोट के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और घायलों को अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की थी।
एक गिरफ्तारी के बाद दूसरी गिरफ्तारी
शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी से पहले NIA ने साइनुर मोल्ला को भी गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, विस्फोट के बाद उसी ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मृतक और घायलों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया था। बाद में उन्हें एंबुलेंस के हवाले किया गया था। इस मामले में एंबुलेंस चालक पहले से न्यायिक हिरासत में है।
अब आगे क्या होगा?
NIA और STF दोनों एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं (NIA Investigation)। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध हथियारों का यह जखीरा किन लोगों के लिए रखा गया था और क्या इसके तार किसी बड़े राजनीतिक या आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े हैं।



