उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लक्ष्मण झूला के पास बन रहा ‘बजरंग सेतु’ उद्घाटन (Bajrang Setu Rishikesh) से पहले ही विवादों में घिर गया है। करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस पुल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ।
बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन पुल के फुटपाथ पर लगाया गया पारदर्शी कांच एक बार फिर टूट गया है (Uttarakhand bridge construction issue)। कई जगहों पर दरारें दिखाई दी हैं, जिससे इसकी मजबूती और सुरक्षा पर संदेह गहरा गया है (glass bridge India safety)। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब पुल का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और उद्घाटन बाकी है। लोक निर्माण विभाग के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि ये हरकत असामाजिक तत्वों की है। उन्होंने कांच के एक हिस्से को तोड़ा है। पुलिस को सूचना दी गई है। इसे ठीक कराया जा रहा है।
क्या है ‘बजरंग सेतु’ की खासियत
ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला (Laxman Jhula bridge news) के पास बन रहा बजरंग सेतु उत्तराखंड का पहला और उत्तर भारत का सबसे अनोखा ग्लास फ्लोर (कांच का) पुल है। ये पुल तपोवन को स्वर्गाश्रम से जोड़ता है। 65 मिमी मोटे पारदर्शी कांच वाला यह पुल 92 साल पुराने जर्जर लक्ष्मण झूला का आधुनिक विकल्प है। इस पुल का मुख्य आकर्षण इसका ग्लास फुटपाथ है, जिससे पर्यटक नीचे बहती गंगा नदी का दृश्य देख सकेंगे।
- कुल लागत: 69.20 करोड़ रुपये
- लंबाई: 132.30 मीटर
- चौड़ाई: 5 मीटर
- डिजाइन: दोनों ओर करीब 1.5 मीटर चौड़ा पारदर्शी कांच का फुटपाथ
- कांच की मोटाई: 65 मिमी
प्रशासन ने उठाया एहतियाती कदम
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने फिलहाल पुल के दोनों किनारों पर बने फुटपाथ से लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की जांच की जा रही है और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। बार-बार कांच टूटने की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हाई-टेक स्ट्रक्चर में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और सख्त निगरानी जरूरी होती है। (bridge safety concern India)।



