Saturday, April 18, 2026
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बिहार CM रेस में सस्पेंस गहराया, क्या सम्राट चौधरी आउट? नए नामों ने बढ़ाई हलचल

बिहार की राजनीति इन दिनों नए मोड़ पर खड़ी है (Bihar CM Race)। मुख्यमंत्री पद को लेकर जो तस्वीर काफी हद तक नजर आ रही थी, वह अचानक धुंधली पड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी के अंदर जिस तरह से नामों को लेकर चर्चा चल रही थी, उससे यह माना जा रहा था कि पार्टी के पास अपना स्पष्ट चेहरा है। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं (Bihar New Chief Minister)।

फाइल फोटो

कुछ समय पहले तक सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था (Samrat Choudhary CM Candidate)। पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और पिछड़े वर्ग के नेता के तौर पर उनकी पहचान उन्हें दावेदार बना रही थी। लेकिन अब पार्टी के अंदर की चुप्पी और बदलते संकेत यह बता रहे हैं कि मामला उतना आसान नहीं है।

अचानक क्यों छा गई चुप्पी?

बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने इस मुद्दे पर बोलना लगभग बंद कर दिया है। न तो खुलकर समर्थन सामने आ रहा है और न ही किसी नाम पर सहमति दिख रही है। राजनीतिक जानकार इसे “स्ट्रैटेजिक साइलेंस” मान रहे हैं यानी पार्टी अभी अंतिम निर्णय से पहले हर समीकरण को बारीकी से परख रही है (BJP CM Face Bihar)।

‘नीतीश फैक्टर’ बना सबसे बड़ा निर्णायक

इस पूरे सियासी समीकरण में सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं नीतीश कुमार। NDA के भीतर यह लगभग तय हो चुका है कि मुख्यमंत्री के नाम पर कोई भी फैसला उनकी सहमति के बिना नहीं लिया जाएगा। इसका मतलब साफ है (NDA Bihar CM Decision)

  • बीजेपी का निर्णय अकेले पर्याप्त नहीं
  • नीतीश की सहमति = अंतिम मुहर

यही वजह है कि जो बैठक मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा के लिए प्रस्तावित थी, उसके टलने के पीछे भी इसी सहमति की कमी को बड़ी वजह माना जा रहा है (Nitish Kumar Role in CM Selection)। बीजेपी की कोर कमिटी की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में विनोद तावड़े के आवास पर शाम 6 बजे बुलाई गई थी। लेकिन अचानक बैठक को रद्द कर दिया गया। इस बैठक के लिए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, श्रेयसी सिंह समेत कई नेता-मंत्री दिल्ली पहुंच भी चुके थे। लेकिन सबको वापस लौटना पड़ा।

फैसला अब NDA करेगा, BJP नहीं

अब सियासी गलियारों में यह साफ संकेत है कि नया मुख्यमंत्री सिर्फ बीजेपी तय नहीं करेगी, बल्कि NDA की संयुक्त बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगेगी। इस प्रक्रिया में जिन बड़े नेताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है, उनमें शामिल हैं

  • नरेंद्र मोदी
  • अमित शाह
  • नितिन नवीन
  • नीतीश कुमार

जब तक इन सभी के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक CM का नाम फाइनल होना मुश्किल है।

श्रेयसी सिंह, BJP विधायक (फाइल फोटो)

रेस में नए नामों की एंट्री से बढ़ा रोमांच

श्रेयसी सिंह: शुक्रवार को सियासत ने नया मोड़ तब लिया, जब श्रेयसी सिंह बैठक के लिए दिल्ली पहुंची। इसके बाद अचानक उनका नाम मुख्यमंत्री पद की चर्चा में आने लगा (Shreyasi Singh CM Race)। श्रेयसी सिंह जमुई की भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री है। श्रेयसी सिंह का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वे एक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज हैं और बिहार कैबिनेट में खेल मंत्री रही हैं। उन्हें युवा, साफ-सुथरी छवि और उच्च जाति (राजपूत) के प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यदि जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह पीछे नहीं हटेंगी।

संजय मयूख, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (फाइल फोटो)

संजय मयूख (Sanjay Mayukh): बिहार विधान परिषद के सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख का नाम भी मुख्यमंत्री पद की रेस में चौंकाने वाले नामों में सामने आया है। वह भाजपा के संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं।

संजय जायसवाल, BJP सांसद (फाइल फोटो)

संजय जायसवाल: पश्चिम चंपारण (बेतिया) से सांसद डॉ. संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal Bihar BJP) का नाम भी बिहार के अगले मुख्यमंत्री पद की रेस में सामने आ रहा है। वे 2009, 2014, 2019 और 2024 (लगातार चौथी बार) से यहाँ के सांसद हैं। संजय जायसवाल बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा में सत्तारूढ़ दल के सचेतक (Whip) भी रह चुके हैं। उनकी संगठन और दिल्ली में मजबूत पकड़ है। पहले भी सीएम की रेस में उनका नाम उछल चुका है।

कुल मिलाकर अब समीकरण यह हो गया है कि रेस सिर्फ एक चेहरे तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई दावेदार सामने आ गए हैं।

संम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम, बिहार (फाइल फोटो)

सम्राट चौधरी की दावेदारी कमजोर पड़ी?

हालांकि सम्राट चौधरी अभी भी एक मजबूत दावेदार माने जाते हैं, लेकिन अब अंदरखाने स्थितियां बदलती नजर आ रही है।

  • पार्टी की चुप्पी
  • नए नामों का उभरना

इन दोनों ने उनकी स्थिति को पहले जितनी मजबूत नहीं रहने दिया है। इसके अलावा रेणु देवी, नित्यानंद राय और विजय सिन्हा के नाम भी रेस में काफी समय से चर्चा में हैं।

क्या फिर चौंकाएगी बीजेपी?

भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में “सरप्राइज फैक्टर” हमेशा अहम रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी कई बार ऐसे फैसले ले चुकी है, जो आखिरी वक्त तक किसी को अंदाजा नहीं होते। इसलिए यह संभावना भी बनी हुई है कि पार्टी एक बिल्कुल नया चेहरा सामने ला दे, जो नाम अभी चर्चा में हैं, वे अंतिम सूची में न हों।

  • बीजेपी में जब भी कोई नाम चर्चा में ज्यादा आया, उसका पत्ता कटा
  • दिल्ली में कई नेता CM की रेस में थे, लेकिन रेखा गुप्ता को CM बनाया
  • MP में शिवराज सिंह का CM बनना तय था, बन गए मोहन यादव
  • राजस्थान में वसुंधरा राजे CM की दौड़ में आगे थीं, मगर बन गए भजनलाल शर्मा
  • ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान रेस में थे, लेकिन CM बनाए गए मोहन चरण माझी
  • बिहार में भी BJP कोई चौंकाने वाला फैसला कर दे तो आश्चर्य नहीं

राजनीतिक विश्लेषण: असली खेल क्या है?

बिहार में CM का फैसला सिर्फ एक पद का चयन नहीं, बल्कि कई बड़े समीकरणों का संतुलन है:

जातीय समीकरण

OBC, EBC, सवर्ण, इन सभी को साधना जरूरी

NDA की एकता

जेडीयू और बीजेपी के बीच संतुलन बनाना जरूरी

2027 चुनाव की तैयारी

चेहरा ऐसा हो जो चुनाव जिताने में सक्षम हो

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